गोरखपुर के दक्षिणांचल में औद्योगिक क्रांति की आहट: धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप से बढ़ेगी रोजगार की रफ्तार

गोरखपुर के दक्षिणांचल में औद्योगिक क्रांति की आहट: धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप से बढ़ेगी रोजगार की रफ्तार

Sounds of industrial revolution in the southern part of Gorakhpur:

Sounds of industrial revolution in the southern part of Gorakhpur:

Sounds of industrial revolution in the southern part of Gorakhpur : उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित कर औद्योगिकीकरण के माध्यम से रोजगार के नए अवसर सृजित करने की महत्त्वाकांक्षी योजना पर तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी उद्देश्य के तहत लंबे समय तक पिछड़ेपन का सामना करने वाले गोरखपुर के दक्षिणांचल में धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप एक नये औद्योगिक हब के रूप में विकसित की जा रही है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में यह क्षेत्र रोजगार और विकास की नई पहचान बनेगा। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की दमदार कनेक्टिविटी यहां औद्योगिक प्रगति के नए अध्याय की प्रस्तावना कर रही है। अदाणी ग्रुप और केयान ग्रुप जैसे बड़े औद्योगिक घरानों को भूमि आवंटित होने के साथ ही इसकी शुरुआत भी हो गई है।

धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप: 6876 एकड़ में उभरता मेगा औद्योगिक क्षेत्र
धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप करीब 6876 एकड़ में आकार ले रहा है। गीडा की सीईओ अनुज मलिक के अनुसार, इस क्षेत्र में दो प्रमुख निवेशकों को भूमि आवंटित कर दी गई है, जबकि एक अन्य बड़े निवेशक ने अपनी पसंद की जमीन चिह्नित कर ली है। आने वाले वर्षों में यह औद्योगिक क्षेत्र प्रदेश के औद्योगिक गेटवे के रूप में जाना जाएगा।

अदाणी ग्रुप और श्रेयश को मिली भूमि, बड़े निवेश की तैयारी
अंबुजा सीमेंट (अदाणी समूह) ने अपनी यूनिट लगाने के लिए 46.63 एकड़ जमीन हासिल की है, वहीं श्रेयश डिस्टिलरी-एनर्जी लिमिटेड को 60.48 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। इन दोनों की ओर से कुल 4200 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 6500 रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। इसी क्रम में रिलायंस ने करीब 300 करोड़ रुपये से कैंपा कोला की कोल्ड ड्रिंक यूनिट लगाने के लिए लगभग 50 एकड़ जमीन पसंद की है।

ओडीओपी उत्पादों के लिए गोरखपुर में पहला कॉमन फैसिलिटी सेंटर
‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना के तहत चयनित उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक ले जाने के लिए गोरखपुर के जैनपुर में 3.91 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश का पहला कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) स्थापित किया जा रहा है। गीडा दिवस के अवसर पर 29 नवम्बर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस सेंटर का शिलान्यास करेंगे। उम्मीद है कि मार्च तक यह केंद्र पूरी तरह शुरू हो जाएगा।

बेहतर पैकेजिंग से मिलेगा वैश्विक बाजार तक पहुंच
ओडीओपी के अंतर्गत टेराकोटा और काला नमक जैसे पारंपरिक उत्पादों ने पहले ही वैश्विक पहचान बनाई है। कुशीनगर के केले के रेशे से बनने वाले उत्पादों की भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छी मांग है। इन सभी उत्पादों की गुणवत्ता व पैकेजिंग को और शानदार बनाने के लिए जैनपुर में सीएफसी केंद्र खोला जा रहा है। यहां गुणवत्ता जांच, प्रशिक्षण और उन्नत पैकेजिंग की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
सेंटर से जुड़ी संगीता पांडेय के अनुसार, शुरुआत टेराकोटा उत्पादों की पैकेजिंग से होगी, जिसके बाद प्रदेशभर के ओडीओपी उत्पादों की पैकिंग के लिए तकनीकी टीम कार्य करेगी। लक्ष्य है कि इन उत्पादों की बेहतर पैकेजिंग इन्हें विदेशी बाजारों से लेकर ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म तक पहुंचाए।

अधिकारियों का कहना
सहायक आयुक्त उद्योग रोशन अंबेडकर ने बताया कि टेराकोटा सहित सभी ओडीओपी उत्पादों के लिए प्रस्तावित सीएफसी केंद्र का शिलान्यास मुख्यमंत्री योगी 29 नवम्बर को करेंगे। इससे उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और बाज़ार विस्तार में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।